संजय जैन
धमतरी 13 जुलाई। तीन माह तक दिन और रात आंदोलन करने वाले 23 गांवों के लोगों को सडक़ निर्माण एवं चौड़ीकरण नहीं मिल सका। शासन, प्रशासन ने भी इन्हें ठग लिया। लगातार हो रही दुर्घटनाओं को देखते हुए ग्रामीणजनों की बैठक आहुत की गई। इस बैठक में प्रत्येक गांव के जिम्मेदार लोगों ने अपनी उपस्थिति देते हुए अब सडक़ सत्याग्रह करने की घोषणा की है और इसी के तहत 16 जुलाई को कोलियारी चौक से खरेंगा, दोनर, जोरातराई, कुरूद होते हुए एक विशाल पदयात्रा भी निकाली जायेगी जो विधानसभा सत्र के दौरान पहुंचकर अपनी समस्याओं को बताते हुए सडक़ निर्माण एवं चौड़ीकरण की मांग करेंगे।
सडक़ संघर्ष समिति के लोगों की अति आवश्यक बैठक ग्राम खरेंगा में संपन्न हुई जहां कोलियारी, खरेंगा, दोनर, जोरातराई मार्ग को लेकर गहन विचार विमर्श हुआ। बैठक में उपस्थित ग्रामीणों ने कहा कि पिछले दो सालों से यह सडक़ सुर्खियों में है। इस सडक़ की दुर्दशा के जिम्मेदार रेत माफिया हैं जिनके द्वारा महानदी के तटीय ग्रामों से पिछले कई वर्षों से रेत का परिवहन किया जाता रहा है। रोजाना सैकड़ों हाईवा, टिप्पर, ट्रक चलने से दुर्घटनाओं का दौर चल पड़ा है और अब तक आधे दर्जन से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है। पिछले दिनों इसी सडक़ पर एक शिक्षक को रेत से भरी वाहन ने अपनी चपेट में ले लिया जिससे उसकी घटना स्थल पर ही मौत हो गई। ये दुर्घटना के बाद भी ग्रामीण क्षेत्र के निवासी इस क्षेत्र में चलने वाली भारी ओव्हरलोड वाहनों से खौफज़दा हैं और शाम होने के पूर्व ही अपने घरों को दुर्घटना के भय से घर पहुंच जाते हैं। इस भय को दूर करने के लिये ही सडक़ निर्माण एवं चौड़ीकरण की मांग शासन, प्रशासन से की गई थी। लेकिन इस पर ध्यान नहीं दिया गया। और तो और राजनीतिक दलों के नेताओं द्वारा भी इस सडक़ का निर्माण कार्य नहीं करवाया गया जिससे 23 गांवों के लोगों में बेहद असंतोष व्याप्त है।
अनदेखी से नाराज क्षेत्र के 23 गांवों के लोगों ने सडक़ संघर्ष समिति का गठन किया और लगातार 75 दिन तक कडक़ड़ाती ठंड में अलाव जलाकर धरना प्रदर्शन किया। उनके आंदोलन के बाद बड़ी मुश्किल से प्रशासन ने सुध ली थी। एसडीएम की अगुवाई में बात हुई थी कि सडक़ में रेत, गिट्टी का चूरा डालकर दुरूस्त किया जायेगा। वर्ष 2022-23 में सडक़ों की बदहाली की बात आई तो प्रदेश के लोक निर्माण मंत्री ने इस सडक़ का निर्माण करवाने का आश्वासन दिया था। उनका आश्वासन भी कोई असर नहीं किया। अब चूंकि चारों तरफ से मायूस हो चुके ग्रामों के नागरिकों ने सडक़ संघर्ष समिति के बैनर तले 18 जुलाई से 23 जुलाई तक विधानसभा समापन के अंतिम दिन अपनी बहुप्रतीक्षित मांग से अवगत कराने कोलियारी चौक से खरेंगा, दोनर, जोरातराई, कुरूद से रायपुर तक पदयात्रा निकालने का ऐलान किया है। यह यात्रा सुबह 8 बजे रायपुर के लिये रवाना होगी और कोलियारी से खरेंगा, दोनर, जोरातराई तक सडक़ निर्माण एवं चौड़ीकरण की मांग के साथ झुरानवागांव, कातलबोड़, चर्रा मार्ग को मरम्मत एवं चौड़ीकरण, जिला खनिज अधिकारी का अन्यत्र स्थानांतरण तथा दुर्घटना में मृतक परिवार को शासन द्वारा 50 लाख रूपये आर्थिक मुआवजा दिये जाने की मांग रखेगी। यात्रा में ग्रामीणजनों को भारी संख्या में आमंत्रित किया जा रहा है।

