संजय जैन
धमतरी |
कार्यक्रम के आयोजक उमेश साहू के द्वारा प्रस्तावना
भाषण का वाचन किया गया जिसमें उन्होंने अपने वक्तव्य में कहा कि विकासखंड या जिले या
प्रदेश स्तर पर जब बच्चे टॉप करते हैं तो उनका सम्मान बहुतों को द्वारा किया जाता है
परंतु विद्यालय स्तर पर सम्मान का अवसर छात्र छात्राओं को प्राप्त नहीं होता है जिसको
देखते हुए उनके अंदर ऐसा भाव आया कि प्रत्येक विद्यालय के उत्कृष्ट छात्रों का भी सम्मान
एक बड़े कार्यक्रम के माध्यम से होना चाहिए जिससे विकासखंड के सभी छात्र एक जगह उपस्थित
होकर के सम्मान पाकर अपने आपको गौरवान्वित भी महसूस करेंगे और एक दूसरे का परिचय भी
प्राप्त करेंगे ।उन्होंने बच्चों को आश्वासन दिया कि उनके शिक्षा के विषय में कभी कोई
कमी नहीं आएगी लगातार उनके साथ हमेशा हर परिस्थिति में खड़ा रहेंगे।
कार्यक्रम के मुख्य
अतिथि डॉक्टर हीरा महावर के द्वारा आज के समय में एंड्राइड मोबाइल का उपयोग जो बहुत
ज्यादा बच्चों के द्वारा उपयोग किया जाता है उस पर चिंता व्यक्त किया गया उनके द्वारा
कहा गया कि मोबाइल का उपयोग संचार के लिए होना चाहिए और कुछ आवश्यक कार्यों के लिए
होना चाहिए जिस तरीके से आज हर चीजों को गूगल से हम खोजते हैं जिससे हमारा बुद्धि का
विकास रुकने की स्थिति में रहता है साथ ही साथ इसकी कुप्रभाव छात्राओं पर भी पड़ता
है । उनके द्वारा पुरातन काल में भारतीय शिक्षा पद्धति कैसे पूरे विश्व में प्रसिद्ध
था उसके विषय में भी चर्चा किया गया बच्चों को कठिन परिश्रम करके आगे बढ़ाकर अपने मां
बाप घर परिवार समाज राज्य और राष्ट्र कोगौरवान्वित करने की बात कही।उसके बाद मुख्य
वक्ता के रूप में आगत ओम प्रकाश शर्मा जी के द्वारा बच्चों को पुराना इतिहास कथाओं
के माध्यम से भारतीय संस्कृति को आत्मसात करते हुए राष्ट्र की सेवा करने की दिशा में
उद्बोधन दिया गया उनके द्वारा बच्चों से आग्रह किया गया कि बच्चे भविष्य में जिस भी
क्षेत्र में काम करें चाहे सरकारी सेवा क्षेत्र में व्यक्तिगत सेवा क्षेत्र में कृषि
क्षेत्र में या व्यवसायिक क्षेत्र में हम जहां पर भी रहे एक अच्छे नागरिक बनकर उसे
सेवा कार्य को करते हुए राष्ट्र के प्रति हमारा मूल धर्म को निभाने की बात उनके द्वारा
कही गई । ज्यादा से ज्यादा हमारे हिंदी और छत्तीसगढ़ी भाषा को आम बोलचाल में प्रयोग
करने पर बल दिया उनके द्वारा अंग्रेजी विषय पर कहा गया कि अंग्रेजी बोलना एक्स्ट्रा
क्वालिटी है बोलना सीखना चाहिए परंतु अपने राष्ट्र के राज्य के भाषाओं को हमेशा महत्व
देकर बोलचाल में लाना भी आवश्यक है।
इस कार्यक्रम के पश्चात सभी छात्र छात्रा
सभी छात्र छात्राओं का विद्यालय वार प्रशस्ति पत्र और पानी बोतल का गिफ्ट दे करके सबका
सम्मान करते हुए फोटोग्राफ्स लिए इस कार्यक्रम के पश्चात उमेश साहू के जन्म दिवस के
अवसर पर वही मंच में मोतीचूर के लड्डू के माध्यम से जन्म दिवस मनाया गया इस विषय पर
उन्होंने यह संदेश दिया कि जैसे मोतीचूर के लड्डू में एक-एक दाना मिलकर के एक लड्डू
का निर्माण होता है उसी तरीके से समाज में हम सभी वर्ग के लोग एक साथ अगर संगठित रहें
एक मजबूत ढांचा के रूप में हम रहेंगे हमें तोड़ने का हिम्मत किसी में नहीं होगा यह
लड्डू इस बात का परिचायक है और भारतीय संस्कृति का भी परिचायक है इस तरीके से उन्होंने
दीप जला कर के अपने जन्मोत्सव को सब के साथ मनाया और सभी ने मोतीचूर के लड्डू का स्वाद
लिया उपस्थित सभी छात्र-छात्राओं गणमान्य नागरिकों के द्वारा को उनके जन्मदिन पर शुभकामनाएं
दी गई कार्यक्रम के अंत में सुभाष यादव के द्वारा आगत समस्त अतिथियों छात्र-छात्राओं
गणमान्य नागरिकों का आभार व्यक्त किया गया कार्यक्रम का संचालन पूजा यादव और कोमल कारवा
के द्वारा किया गया इस कार्यक्रम में पूरे युवा शक्तियों का ताकत लगा हुआ था ग्रामीण
और शहर के बहुत सारे युवा वर्ग इस कार्यक्रम को सफल करने में पूरी तन्मयता के साथ जुटे
रहे मुख्य रूप से महेंद्र बघेल शुभम वैभव चंद्रहास ओमेंद्र अनिल रुपेश लाली वंदना डोली
ज्योति सारिका संगम सरगम इत्यादि कार्यकर्ता उपस्थित रहे।


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