संजय जैन
धमतरी |
मुख्य कार्यपालन अधिकारी एवं स्वीप जिला नोडल अधिकारी रोक्तिमा यादव ने मतदाता जागरूकता कार्यक्रम के बारे में जानकारी देते हुए बताया कि आम चुनाव में मतदान के मामले में महिलाएं, पुरूषों की अपेक्षा व्यापक अंतर से पीछे हैं, जो समय के साथ कम है। मतदाता मतदान के मामले में पुरूषों और महिलाओं के बीच बढ़ती समानता ने महिलाओं को चुनावी प्रक्रिया में लगभग समान स्थान दिया है। उन्होंने कहा कि कुल मतदाताओं में महिलाओं की हिस्सेदारी अब कुल आबादी में उनके हिस्से के बराबर है। महिलाओं के बीच बढ़ते मतदान के पीछे तीन कारकों को देखते हुए यह भी बताया कि सबसे पहले व्यापक रूप से सुलभ माध्यमों जैसे मोबाईल फोन के माध्यम से सूचना देकर पुरूषों और महिलाओं सहित मतदाताओं के विभिन्न वर्गों के बीच मौजूद अंतराल को कम करने में मदद की है।
श्रीमती यादव ने बताया कि पोस्टल बैलेट के माध्यम से मतदान सुविधा के संबंध में कहा कि जिन ईलाकों में इलेक्ट्रिक तरीके से पोस्टल बैलेट नहीं भेजा जा सकता, वहां पर डाक के माध्यम से पोस्टल बैलेट भेजा जाता है। चुनाव में कुछ लोग जैसे सैनिक, चुनाव ड्युटी में तैनात कर्मचारी, देश के बाहर कार्यरत सरकारी अधिकारी, दिव्यांग व्यक्ति, 80 वर्ष से अधिक उम्र के व्यक्ति जो चुनाव के समय मतदान नहीं कर पाते हैं, ऐसे लोगों के लिए निर्वाचन आयोग ने पोस्टल बैलेट के माध्यम से वोट डालने की सुविधा प्रदान की है। मतदान का अधिकार कोई मामूली अधिकार नहीं है यह एक नागरिक कर्तव्य है। हर व्यक्ति को अपनी बात कहने, अपना मत व्यक्त करने का अधिकार, और हर मत का मूल्य या उसकी ताकत का एक समान होना, आजादी के बाद पहले ही दिन से हर महिला को मतदान का अधिकार दिया, इसलिए शहर हो या गांव सौ प्रतिशत मतदान करने के लिए महिलाओं का प्रतिनिधित्व सुनिश्चित करें और 18 वर्ष आयु की सभी महिला मतदाताओं से मतदान करने की अपील की है। जिनका नाम मतदाता सूची में नहीं है बीएलओ के माध्यम से मतदाता सूची में नाम जुड़वायें। महिला मतदान का प्रतिशत बढ़ाने के लिए हॉट बजारों एवं घर-घर जाकर उन्हें प्रोत्साहित किये जावें। समीक्षा बैठक में उपस्थित अधिकारी-कर्मचारियों ने शपथ लेकर विश्व के सबसे बड़े लोकतंत्र के चुनाव में महिला मतदाताओं की अधिकाधिक भागीदारी को मजबूती प्रदान करने की बात कही।


