संजय जैन
धमतरी | गुरुर ब्लॉक के ग्राम बोरिदकला की निवासी कंचन मगेंद्र
ने अपने गांव का नाम रौशन किया हैं। कंचन ने एमए रूरल डेवलपमेंट की परीक्षा उत्तीर्ण
कर प्रावीण्य सूची में प्रथम स्थान प्राप्त किया हैं। बीते बुधवार को पंडित रविशंकर
विश्वविद्यालय के 26 वां दीक्षांत समारोह का कार्यक्रम आयोजित हुआ। जिसमें कंचन मगेंद्र
को इसरो के वैज्ञानिक पद्मश्री प्रो. वाई.एस. राजन ने स्वर्ण पदक प्रदान किया। समारोह
में राज्यपाल विश्वभूषण हरिचंदन और मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के अलावा अंतरिक्ष वैज्ञानिक
प्रो. वाई. एस. राजन मौजूद रहे। इस उपलब्धि का श्रेय कंचन ने अपने माता- पिता एवं गुरूजनों
को दिया हैं। साथ ही बताया कि शिक्षा से बड़ा कोई दूसरा अस्त्र नहीं है। कंचन शुरू
से ही पढ़ाई को बहुत अधिक महत्व देती थी तथा हमेशा अध्यन में संलग्न रहना उसका स्वभाव
बन चुका था। आपकों बता दें कि कंचन मगेंद्र , दिनेश मगेंद्र और चित्रा मगेंद्र की पुत्री
हैं। मां चित्रा मगेंद्र ग्राम बोरिदकला की उपसरपंच हैं। कंचन के परिवार में तीन बहन,
माता-पिता और दादा-दादी रहते हैं। वें तीन बहनों में सबसे छोटी हैं। कंचन बताती हैं
कि माता-पिता उसे हमेशा पढ़ाई के लिए अभिप्रेरित करते थे। साथ ही दादा-दादी का भी समय-समय
पर मार्गदर्शन मिलता था।