ग्रामीण क्षेत्र में बह रही राम रस की धारा में सम्मिलित होने ग्राम सौगा पहुंचे श्रीमती लक्ष्मीकांता हेमंत साहू

धमतरिहा के गोठ
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संजय जैन 

ग्रामीण क्षेत्र में बह रही राम रस की धारा में सम्मिलित होने ग्राम सौगा पहुंचे श्रीमती लक्ष्मीकांता हेमंत साहू छाया विधायक कुरूद

उन्होंने इस अवसर पर आयोजक समिति व ग्राम वासियों के उनके अनवरत 25 साल लगातार रामनाम की ज्योति जलाने के लिए बधाई दी। आगे श्रीमती साहू ने रामचरित्र मानस के प्रमुख पात्र भरत जी कथा सुनाते कहा  

आदर, निश्चल प्रेम, संस्कार , निस्वार्थ भावना का दूजा नाम कोई है तो वह भरत जी है। संसार में बड़े भाई से भाई का अदभुत प्रेम यदि देखने को मिला है तो वह है भरत जी। कोई भरत कब बनता है जब

बड़ा भाई श्रीराम चंद्र जैसा हो।

आज हमारे परिवार व समाज में सामूहिक परिवार की कल्पना करे तो वह आज भी संभव है । कब जब बड़ा भाई का स्वभाव श्रीराम चंद्र जैसा हो। तो कई भरत आज भी इस घोर कलयुग में देखे जा सकते है। रामायण हमे यही सिखाता है कि मानवीय संस्कारित जीवन कैसे जिए।

आज के इस भौतिक भागनभाग के दौर में टूटता ,भिखरता परिवार सिर्फ अपने जीवन का समय काट रहे है।

रामचरित मानस जैसे दूसरा महाग्रंथ, महाकाव्य की कल्पना या रचना संसार में कही नही है।

आज के इस व्यस्ततम जीवन शैली से लोगो की जीवन जीने की उत्सुकता,खुशी से मोहभंग हो रहा है। इसका श्रेष्ठ व एक इलाज की दवाई है रामायण  जिसे आप ग्रामवासी पिछले पच्चीस वर्षों से 

आत्मसात कर रहे है। बस हम सब इसे अपने जीवन में ईमानदारी के साथ उतार ले तो हमारा जीवन धन्य है।

इस अवसर पर वीरेंद्र साहू,नंदनी साहू रेखराज साहू, रामस्वरूप साहू, डुमेश ने भी रामायण की महिमा का गुणगान किए। आयोजक समिति के सदस्य गण युवराज साहू,सुनीता भारतेंदु साहू, पंकज ,योगेश्वर साहू, खुमान साहू, भूषण साहू, राजू साहू, हेमंत साहू, व ग्रामवासी बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।

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