संजय जैन धमतरी I मॉडल अंग्रेजी उमावि में बहू आयामी गतिविधियों एवं शाला की वरिष्ठ शिक्षिका कामिनी कौशिक के विदाई समारोह का गरिमामय आयोजन संपन्न।
मॉडल अंग्रेजी उच्चतर माध्यमिक शाला धमतरी में आज 21 अप्रैल को नए शिक्षण सत्र के बहु आयामी गतिविधियों में चलित मॉडल मेकिंग, कूलर, पंखे, फ्रिज ,ताजमहल ,क़ुतुब मीनार ,सभी प्रकार के फूल ,फल पक्षी ,पेड़ ,पौधे ,साइंस से संबंधित विभिन्न प्रकार के चार्ट ,ड्राइंग,पोस्टर आदि की प्रदर्शनी लगाई गई थी । इस अवसर पर बच्चों द्वारा रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम भी प्रस्तुत किए गए। छोटे.छोटे बच्चों ने अपनी शानदार प्रस्तुति गीत और नृत्य के माध्यम से वातावरण को उल्लास से भर दिया था इस अवसर पर कक्षा 1 से लेकर कक्षा ग्यारहवीं तक कक्षा में प्रथम द्वितीय तृतीय स्थान प्राप्त छात्र छात्राओं को पुरस्कार स्वरूप सर्टिफि केट प्रदान किए गए। कार्यक्रम के दूसरे हिस्से में शाला परिवार की वरिष्ठ शिक्षिका कामिनी कौशिक का विदाई समारोह गरिमा मय आयोजन संपन्न हुआ। शाला परिवार के द्वारा स्वागत गीत एवं विदाई गीत की प्रस्तुति देकर वातावरण को भावती रिक्शे भावती रेट रेट से भर दिया। कक्षा वार सभी बच्चों ने ग्रीटिंग्स उपहार, अभिनंदन पत्र ,गुलदस्ते देकर अपने भाव का इजहार किया साथ ही साथ शाला के शिक्षक शिक्षिकाओं ने अपने विचारों के माध्यम से कौशिक मैम के व्यक्तित्व और कृतित्व पर प्रकाश डाला तथा सेवानिवृत्ति के इस घड़ी में सभी ने भरे दिल से विदाई दी। शाला की प्राचार्य नीता सालोमन ने बच्चों की रंगारंग प्रस्तुति की सराहना करते हुए विदाई समारोह में कौशिक मैम के 26 वर्ष शैक्षणिक सेवा में उनके द्वारा दिए गए अमूल्य योगदान के लिए धन्यवाद ज्ञापित करते हुए उज्जवल भविष्य की शुभकामनाएं दीं। रॉबर्ट सर ने इस अवसर पर बच्चों के कार्यक्रम की भूरी भूरी प्रशंसा करते हुए कौशिक मैम के उज्जवल भविष्य की शुभकामनाएं दीं।
इस अवसर पर बच्चों ने कामिनी कौशिक के साथ शिक्षक
के रूप में बिताए पलों को साझा करते हुए उनके डायलॉग ,शिक्षण विधि ,नैतिक मूल्य से
सराबोर समय प्रति प्रासंगिक कविता एवं कहानियों के माध्यम से दिए सहयोग का बखान किया
तथा भरे नयन से भाव विहल होकर विदाई दी । सभी
शिक्षकों शिक्षिकाओं ने कौशिक मैम के प्रति
भाव पुष्प कविता के माध्यम से व्यक्त किया । बच्चों ने भी अपना आदर्श मानते हुए पद
चिन्हों पर चलने का संकल्प लिया । इस अवसर पर भावती रेक कारण कामिनी कौशिक उदगार देने
में असमर्थ बताते हुए स्वरचित कविता के माध्यम से अपने विचार साझा की शाला प्रबंधक अशोक देशमुख ने कामिनी कौशिक के संस्था के प्रति
समर्पित सहयोग हेतु धन्यवाद ज्ञापित किया। शाला के वरिष्ठ व्याख्याता मनोज पवार ने भी 17 वर्ष
साथ.साथ शैक्षणिक जीवन की अनुभव को साझा किया तथा व्यक्तित्व को बेमिसाल बताया।
गौरतलब है कि सभी शिक्षक अपने अपने ढंग से भाव को व्यक्त करने के लिए आतुर थे और यही
कारण है कि कामिनी कौशिक ने बच्चों के सर्वांगीण विकास के प्रति दृढ़ संकल्प और जिले
के सबसे बड़े स्कूल जो कि अपनी शिक्षण पद्धति और अनुशासन के लिए प्रसिद्ध है ऐसे संस्था
में कार्य करना अपना सौभाग्य बताया। कार्यक्रम के अंत में सभी बच्चों ने कौशिक मैम
से आशीर्वाद लिया तथा आशीर्वाद देते हुए भी उन्होंने कहा कि आप कभी भी अपने जीवन में मुझसे मानसिक सामाजिक शैक्षणिक और आध्यात्मिक सेवा और सहयोग ले सकते हैं, मैं सदैव आप सबके साथ
हूं।




