संजय जैन
भारतीय जनता पार्टी के समस्त कर्मठ एवं देवतुल्य कार्यकर्ताओं को भाजपा स्थापना दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं। आज भारतीय जनता पार्टी का 44 वा स्थापना दिवस बहुत ही हर्षोल्लास के साथ संपूर्ण देश में प्रत्येक बूथ में संपन्न हो रहा है। जनसंघ से लेकर भारतीय जनता पार्टी का सफर बहुत ही त्याग तपस्या और बलिदान से परिपूर्ण है। आज भारतीय जनता पार्टी विश्व की सबसे बड़ी पार्टी एवं सर्वश्रेष्ठ पार्टी के रूप में उभरकर भारत मां को परम वैभव के शिखर पर पहुंचाने में सफल हुई है तो भारतीय जनता पार्टी के पूररोधाओ की बलिदान से हुई है। भारतीय जनता पार्टी ही एक राष्ट्रीय चिंतन वाली पार्टी है जो एकात्म मानववाद और अंत्योदय की भावना से जनकल्याण में सेवा दे रही है। भारतीय जनता पार्टी का उद्देश्य सत्तारूढ़ होकर सत्ता का सुख भोगना नहीं बल्कि समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचकर उनकी सेवा करना है डॉ श्यामा प्रसाद मुखर्जी पंडित दीनदयाल उपाध्याय जी के अथक परिश्रम एवं बलिदान की बलिवेदी पर लिखी यह इबारत और छोटा सा पौधा अब विशालकाय वटवृक्ष बनकर संपूर्ण विश्व कल्याण की भावना से समस्त मानव जाति को पोषित और पल्लवित कर रही है हमें गर्व है कि हम भारतीय जनता पार्टी के एक सिपाही हैं। देश के प्रधानमंत्री जी अपने को प्रधानमंत्री नहीं बल्कि प्रधान सेवक मानकर जिस तरह से भारत के जनता की सेवा कर रहे हैं हम कार्यकर्ताओं का भी आज के दिन यह दायित्व बनता है कि हम भी शपथ ले मोदी जी के हाथों को और मजबूती प्रदान करें प्रत्येक कार्यकर्ता राष्ट्र धर्म में अपनी भूमिका अदा करें। भारतीय जनता पार्टी का स्थापना दिवस आज नयापारा वार्ड क्रमांक 166 में मनाया गया बूथ अध्यक्ष के घर पर झंडा बांधना एवं वरिष्ठ भारतीय जनता पार्टी के कार्यकर्ताओं का श्रीफल और चंदन लगाकर सम्मान किया गया
इस कार्यक्रम में भूत अध्यक्ष छगन रजक बूथ अध्यक्ष अजय निर्मलकर वरिष्ठ नेत्री पूर्व नगरपालिका उपाध्यक्ष श्रीमती चित्ररेखा निर्मलकर जी भाजपा जिला मंत्री डॉ बिथीका बिश्वास बूथ पालक श्रीमती नम्रता पवार श्रीमती लता सोनी श्रीमती नीलू रजक श्रीमती रीता सोनी श्री अजीत निर्मलकर श्री विनोद निर्मलकर श्री रामचंद्र खाल सुमेर सिंह श्री कन्हैया रजक श्री बाबा रजक श्री गिरधारी रजक श्री लक्ष्मण रजक श्री कार्तिक रजक श्रीमती बसंती निर्मलकर श्री दानी रजक श्रीमती रुकमणी रजक श्रीमती सोनाली रजक श्रीमती भानुप्रिया निर्मलकर श्रीमती भूपेश्वरी रजक

