जनसूचना अधिकारी पर 25 हजार रूपये क्षतिपूर्ति देने का आदेश

धमतरिहा के गोठ
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संजय जैन 

धमतरी । सूचना का अधिकार अधिनियम के तहत जानकारी दिये जाने को लेकर कुछ विभागों के जनसूचना अधिकारी जानकारी देने में हीला-हवाला करते हैं। इसे लेकर आवेदकों को जान बूझकर विभिन्न त्रुटियां निकालकर आवेदन को वापस करने की प्रक्रिया पिछले लंबे समय से जारी थी। लेकिन अब छग राज्य सूचना आयोग में द्वितीय अपील होने पर इसकी सुनवाई त्वरित गति से होती है और तत्काल निर्णय की भी जानकारी प्राप्त हुई है। छग के विभिन्न जिलों के जनसूचना अधिकारियों को आवेदक को जानकारी उपलब्ध नहीं कराने की दशा में भारी राशि अधिरोपित क्षतिपूर्ति का निर्देश दिया गया है जिससे अब ऐसे जनसूचना अधिकारियों के मध्य सूचना का अधिकार अधिनियम के तहत लगने वाले आवेदन पर 30 दिन के भीतर जानकारी दी जा रही है वहीं दूसरी ओर धमतरी में संभवत: यह पहला मामला है कि जब जनसूचना अधिकारी एवं मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत नगरी द्वारा सूचना के अधिकार अधिनियम 2005 के तहत जानकारी नहंी दिये जाने को लेकर आवेदक संजय कुमार जैन को 25 हजार रूपये अधिरोपित क्षतिपूर्ति की राशि भुगतान करने पावती आयोग को प्रेषित करने का निर्देश दिया गया है।

छग राज्य सूचना आयोग द्वारा प्रकरण की सुनवाई करते हुए जनसूचना अधिकारी उत्तरवादी लोकनाथ पटेल, मुख्य कायर्पालन अधिकारी जनपद पंचायत नगरी से संजय कुमार जैन के द्वारा नगरी में बन रहे आत्मानंद उत्कृष्ट अंग्रेजी माध्यम विद्यालय की शासकीय प्रशासकीय स्वीकृति ग्राम पंचायतों के नाम एवं इससे संबंधित समस्त दस्तावेज एवं सत्य प्रमाणित प्रतिलिपि प्रदान करने आवेदन लगाया गया था जिस पर जनसूचना अधिकारी द्वारा जानकारी उपलब्ध नहीं कराई गई। वांछित जानकारी प्राप्त न होने पर अपीलार्थी द्वारा प्रथम अपील दिनांक 7.2.2022 प्रथम अपीलीय अधिकारी मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत धमतरी को प्रस्तुत की गई। प्रथम अपीलीय अधिकारी द्वारा 15.2.2022 को आदेश पारित किया गया था जिसमें नियमानुसार जानकारी प्रदाय करने हेतु निर्देशित किया गया था। प्रथम अपीलीय अधिकारी के निर्देश के बावजूद जानकारी प्राप्त नहीं होने से क्षुब्ध होकर अपीलार्थी संजय जैन द्वारा द्वितीय अपील 25.4.2022 को प्रस्तुत की गई जहां वी.सी. में प्रस्तुत सुनवाई के दौरान अपीलार्थी श्री जैन उत्तरवादी जनसूचना अधिकारी श्रीमति उमा राज डिप्टी कलेक्टर धमतरी, उत्तरवादी क्रमांक 3 जनसूचना अधिकारी श्रीमति दिव्या पोटाई नोडल अधिकारी एवं डिप्टी कलेक्टर, उत्तरवादी क्रमांक 4 जनसूचना अधिकारी लोकनाथ पटेल मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत नगरी, उपस्थित थे। जिसमें उल्लेख है कि प्रकरण में मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत धमतरी द्वारा आयोग को संबोधित जवाब 7.7.2022 में लेख किया गया कि विषयांतर्गत संदर्भित पत्र के माध्यम से अपीलार्थी को सूचना का अधिकार अधिनियम 2005 की धारा 19(3) प्रस्तुत द्वितीय आवेदन की प्रति प्राप्त हुआ है। 

द्वितीय अपील प्रकरण क्रमांक ए/1977/2022 धमतरी में प्रथम अपील का निराकरण अधिनियम की धारा 19(6) निर्धारित तिथि 30 दिन, विस्तारित अवधि अधिकतम 45 दिन में किया गया अथवा नहीं, यदि विलंब से किया गया हो तो कारण स्पष्ट करें तथा प्रथम अपील के निर्णय के जनसूचना अधिकारी के द्वारा क्रियान्वयन सुनिश्चित कराने क्या कार्यवाही की गई, जिसका प्रकरण क्रमांक ए/1977/2022 सुनवाई तिथि 2.8.2022 को समय 12 बजे निर्धारित की गई थी। तत्संबंध में अवगत हो कि अपीलार्थी द्वारा प्रथम अपील आवेदन इस कार्यालय में दिनांक 7 फरवरी 2022 को प्रस्तुत किया गया था एवं आवेदन शुल्क के रूप में राशि 50 रूपये नगद जमा किया गया जिसे सूचना के अधिकार अधिनियम 2005 की धारा 19-1 के तहत पंजीकृत किया गया। उक्त संबंध में 15 फरवरी 2022 को आदेश पारित किया गया। आवेदक द्वारा चाही गई जानकारी कार्यालय जिला खनिज संस्थान न्यास, जिला धमतरी से संबंधित होने के कारण मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत नगरी के द्वारा अपने ज्ञापन क्रमांक 311/सूकेअधि/ज.प./2021-22 नगरी दिनांक 24.1.2022 के द्वारा सूचना का अधिकार अधिनियम 2005 की धारा 6 की उपधारा (1), उपधारा 3 में निहित प्रावधानों के तहत अंतरित करते हुए मूल आवेदन संलग्न कर कार्यालय जिला खनिज संस्थान न्यास धमतरी को प्रेषित किया गया जिसकी सूचना अपीलार्थी को भी दिया गया। लेकिन इसके बाद भी आवेदक को जानकारी नहीं मिली और उसने छग सूचना आयोग रायपुर को द्वितीय अपील प्रस्तुत की। उपरोक्त प्रकरण में जनसूचना अधिकारी एवं कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत नगरी लोकनाथ पटेल पर अधिनियम की धारा 20(1) के तहत रूपये 25 हजार की शास्ति अधिरोपित की जाती है। इस आदेश की प्रतिलिपि मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत धमतरी को रजिस्टर्ड डाक से आयोग द्वारा पारित आदेश को पालन करने प्रेषित की गई कि वे जनसूचना अधिकारी के विरूद्ध अधिरोपित शास्ति की राशि शासन के कोष में चालान के माध्यम से जमा कराये तथा चालान की प्रति आयोग को तत्काल प्रेषित करे। संभवत: यह पहला मामला है कि धमतरी जिले के जनसूचना अधिकारी के विरूद्ध उक्त आदेश पारित किया गया है।

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