संजय छाजेड़
संत कबीर आध्यात्मिक आश्रम पोटियाडीह की साध्वी समीक्षा साहेब अपनी माताजी अनुसुइया साहू (कोसमरा) एवं बहन टोमिन साहू (बोहारा) के साथ सार्थक स्कूल के विशेष बच्चों के बीच पहुँचीं। उनके आगमन से विद्यालय का वातावरण आध्यात्मिकता, आत्मीयता और सकारात्मक ऊर्जा से भर उठा। साध्वी जी ने बच्चों से सहज संवाद करते हुए उन्हें जीवन में अच्छे संस्कार अपनाने और नैतिक मूल्यों से जुड़े रहने की प्रेरणा दी।साध्वीजी ने सरल शब्दों में बच्चों को समझाया कि, नशे से दूर रहना चाहिए, अच्छी आदतें अपनानी चाहिए और माता-पिता का सम्मान करना चाहिए। उन्होंने गुरुजनों के प्रति आदर भाव रखने और उनकी सीख का पालन करने की बात कही। उन्होंने बताया कि माता-पिता और शिक्षक हमें सही राह दिखाते हैं। उनके मार्गदर्शन को अपनाकर हम अच्छे इंसान बन सकते हैं और जीवन में आगे बढ़ सकते हैं।
बच्चों के बीच समय बिताते हुए साध्वी जी ने उनके साथ स्नेहपूर्ण संवाद किया। उन्होंने कहा कि शिक्षा के साथ अच्छे संस्कार भी जरूरी हैं। बच्चों को अपनी संस्कृति, परंपराओं और नैतिक मूल्यों से जोड़ना उनके जीवन को बेहतर दिशा देने का महत्वपूर्ण माध्यम है। सार्थक स्कूल में बच्चों को प्रेमपूर्वक सीखते और आगे बढ़ते देख उन्हें प्रसन्नता हुई।
बच्चों के आपसी प्रेम ने छुआ मन
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टोमिन साहू ने बच्चों के बीच आपसी प्रेम, सहयोग और अपनत्व की भावना देखकर भावुकता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि कोई बच्चा दूसरे को भोजन कराने में मदद करता है, तो कोई व्हीलचेयर पर ले जाने या हाथ पकड़कर चलने में सहयोग देता है। बच्चों के बीच दिखाई देने वाला यह सहज अपनापन और निःस्वार्थ सहयोग मन को छू जाता है। उन्होंने कहा कि इन बच्चों से प्रेम, संवेदना और एक-दूसरे की मदद करने की सीख मिलती है।अनुसुइया साहू ने बच्चों को स्नेहपूर्वक आशीर्वाद दिया और उनके अच्छे स्वास्थ्य, सुखमय जीवन तथा उज्ज्वल भविष्य की कामना की। उन्होंने बच्चों के बीच कुछ समय बिताकर प्रसन्नता व्यक्त की।
पिता के पुण्यस्मरण पर कराया स्नेहभोज
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साध्वी समीक्षा साहेब एवं उनकी बहन टोमिन साहू ने अपने पिता स्वर्गीय संतराम साहू के दसवें पुण्यस्मरण के अवसर पर सार्थक स्कूल के बच्चों के लिए स्नेहभोज का आयोजन किया। साध्वी जी ने स्वयं अपने हाथों से बच्चों को भोजन परोसा और प्रेमपूर्वक खिलाया। इस आत्मीयता से भरे पल में बच्चों के चेहरों पर खुशी दिखाई दी। पिता की स्मृति को सेवा से जोड़ने की यह पहल स्नेह और संवेदनशीलता का सुंदर उदाहरण बनी।संस्था की सचिव स्नेहा राठौड़ ने कहा कि, साध्वी समीक्षा साहेब का आगमन बच्चों के लिए प्रेरणादायी रहा। उनके सरल शब्दों और स्नेहपूर्ण व्यवहार से बच्चों को अच्छे संस्कारों की सीख मिली। बच्चों ने भी प्रसन्नता व्यक्त करते हुए साध्वी जी को पुनः सार्थक स्कूल आने का निमंत्रण दिया।
