धमतरी, 13 अक्टूबर। जिला अस्पताल परिसर में संचालित जनऔषधि केंद्र मेडिकल स्टोर पर प्रशासन ने कार्रवाई करते हुए ताला लगा दिया है। यह कार्रवाई 12 अक्टूबर 2026 को तहसीलदार धमतरी द्वारा की गई। संबंधित मेडिकल स्टोर के संचालक पर वर्ष 2019 से किराया जमा नहीं करने और बकाया राशि पांच लाख रुपये से अधिक होने का आरोप है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, जिला चिकित्सालय परिसर में संचालित इस मेडिकल स्टोर का मासिक किराया 6 हजार रुपये निर्धारित था, जिसे जीवनदीप समिति जिला धमतरी में जमा किया जाना था। किराया जमा नहीं होने पर सिविल सर्जन कार्यालय की ओर से संचालक को कई बार नोटिस जारी किए गए। इसके बावजूद किराया जमा नहीं होने और परिसर खाली नहीं किए जाने का मामला प्रशासन के संज्ञान में आया।
इस संबंध में कलेक्टर एवं जिला दंडाधिकारी धमतरी द्वारा 4 जून 2025 को संबंधित समिति को पत्र जारी कर बकाया किराया जमा कराने और मेडिकल स्टोर का भवन खाली कराने के निर्देश दिए गए थे। इसके बाद भी निर्धारित कार्रवाई पूरी नहीं होने की बात सामने आई। स्वास्थ्य विभाग को मामले में उचित कार्रवाई के निर्देश दिए गए थे।
उपलब्ध जानकारी के अनुसार, जुलाई 2019 से मई 2025 तक के 70 महीनों का किराया 4 लाख 20 हजार रुपये बनता है। वहीं, वर्ष 2018 से 2026 तक की अवधि को लेकर बकाया राशि पांच लाख रुपये से अधिक होने का दावा किया गया है। हालांकि, कुल बकाया राशि और वसूली की स्थिति की आधिकारिक पुष्टि संबंधित विभाग के रिकॉर्ड से की जानी शेष है।
जनऔषधि केंद्र के संचालन और बकाया किराये को लेकर शहर में लंबे समय से सवाल उठते रहे हैं। नए सिरे से निविदा प्रक्रिया शुरू करने की मांग भी सामने आई है, ताकि केंद्र का संचालन व्यवस्थित तरीके से हो सके और मरीजों को सस्ती दवाइयों की उपलब्धता बनी रहे।
