संजय
छाजेड़।
धमतरी। कलेक्टर नम्रता गांधी के निर्देश पर जिले के स्कूलों में अध्ययनरत किशोरी बालिकाओं को सक्षम, स्वस्थ, सुरक्षा के साथ शिक्षा के मूल मंत्र को सार्थक करने के लिये ’नोनी उत्थान’ कार्यक्रम चलाया जा रहा है। जिला शिक्षा अधिकारी ने बताया कि कार्यक्रम के सफल क्रियान्वयन के लिये जिले के 168 संकुलों में बायो विषय के व्याख्याता का चयन कर उन्हें संबंधित संकुल का नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है, जो कि अपने संकुल के सभी शिक्षिकाओं को प्रशिक्षण देंगे। उक्त शिक्षिकाएं स्कूल की बालिकाओं को माह में दो दिन विशेष कक्षा लगाकर प्रशिक्षित एवं जागरूक करेंगी।
डीईओ ने यह भी बताया कि इसके तहत दो भागों में
प्रशिक्षण दिया गया। इनमें नगरी और मगरलोड विकासखण्ड का 21 फरवरी का आयोजित प्रशिक्षण
में 82 शिक्षिका और धमतरी एवं कुरूद विकासखण्ड का 22 फरवरी को आयोजित प्रशिक्षण में
90 शिक्षिकाओं ने हिस्सा लिया। प्रशिक्षण में जिला चिकित्सालय धमतरी की डॉ. पूजा जैन
ने किशोरी बालिकाओं के स्वास्थ्य, खान-पान, पोषण एवं मासिक धर्म के दौरान स्वच्छता
संबंधी जानकारी दी। साथ ही स्कूलों में फस्र्ट एड बॉक्स की उपयोगिता एवं आवश्यक सामग्री
के बारे में विस्तारपूर्वक बताया। वहीं पुलिस विभाग से डीएसपी सुश्री बिदेश्वरी ने
अपने शक्ति टीम के साथ उपस्थित होकर बालिकाओं की सुरक्षा, गुड टच, बैड टच, पॉक्सो एक्ट
अभिव्यक्ति एप, महिलाओं एवं किशोरियों के लिये जारी हेल्पलाईन नंबर 112, 1018 आदि की
जानकारी दी।
इस दौरान जिला कार्यक्रम अधिकारी जगरानी एक्का और काउंसलर रानी गजेन्द्र ने बाल संरक्षण
अधिनियम, सुकन्या समृद्धि योजना, नोनी सुरक्षा योजना, मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना
के साथ ही किशोरियों के पोषण, स्वास्थ्य एवं शिक्षा मासिक धर्म, स्वच्छता प्रबंधन,
आयरन, फोलिक एसिड टेबलेट के उपयोग और महत्व के बारे में बताया। साथ ही काउंसलर मीनाक्षी
गुप्ता ने कौशल विकास केन्द्र में प्रशिक्षण की पात्रता एवं विश्वकर्मा योजना की बारिकी
से जानकारी दी। सहायक संचालक, शिक्षा लक्ष्मण राव मगर ने बताया कि स्कूल केवल अध्ययन-अध्यापन
के केन्द्र के रूप में न जाना जाए, बल्कि बच्चों के सर्वांगीण विकास एवं समाज जागरण
के रूप में विकसित हो, इस उद्देश्य से नोनी-उत्थान कार्यक्रम चलाया जा रहा है। अंत
में उन्होंने प्रशिक्षण को सफल बनाने के लिये उपस्थितों का आभार भी व्यक्त किया।




