संजय जैन
धमतरी। जिले में होने वाली प्रत्येक घटना चाहे वह समाज क्षेत्र, गांव या फिर शहर से जुड़े जनहित के मुद्दे हो, या राजनीति से जुड़ी खबरों को धमतरिहा के गोठ ने प्रमुखता से प्रसारित कर शासन, प्रशासन एवं संबंधितों का ध्यान आकृष्ट कर उसका निराकरण करने की पहल की है। इसी कड़ी में भाजपा संगठन से जुड़े एक खबर को प्रमुखता देकर आला नेताओं का ध्यान इस ओर आकर्षित किया था जिसका असर यह रहा कि पिछले दिनों धमतरी विस क्षेत्र की प्रत्याशी के कार्यालय उद्घाटन के अवसर पर पधारे भाजपा के वरिष्ठ नेताओं ने इस खबर को गंभीरता के साथ लिया और विचार विमर्श कर ऐसा उपस्थित समूह को आभास दिलाया कि इस निर्णय को शीघ्रातिशीघ्र रद्द किया जा सकता है। कार्यकर्ताओं ने दो टूक शब्दों में वरिष्ठ नेताओं को कह दिया कि चुनाव के पूर्व संगठन में जिस तरह फेरबदल करने का प्रयास किया गया है उससे कार्यकर्ताओं में निराशा का माहौल है, इसे तत्काल रोका जाये अन्यथा पार्टी के समस्त पदाधिकारी सामूहिक इस्तीफा देने को भी तैयार हैं।
विश्व प्रसिद्ध नंबर वन पार्टी के रूप में स्थापित
हो चुकी भाजपा के धमतरी जिले में ऐसा वह कौन है जो धीरे धीरे पार्टी के जनाधार को खोखला
करने के उद्देश्य से ऐसे सब कृत्य आला नेताओं को दिग्भ्रमित कर करवा रहा है। ऐसे ही
तथाकथित लोगों ने पूर्व में भाजपा के जिलाध्यक्ष शशि पवार के विरूद्ध ऐनकेन प्रकारेण
आरोप लगाकर उन्हें चौक चौराहों में बदनाम किया। यहां तक दावा किया गया था कि उनको चुनाव
के पूर्व तक पदच्युत कर दिया जायेगा जिसे लेकर जिला स्तर पर इसका काफी विरोध हुआ था।
चूंकि जिलाध्यक्ष अपने अधिकांश समय पार्टी के लिये समर्पित होकर कार्य कर रहे हैं,
इसी वजह से वरिष्ठ एवं जमीनी कार्यकर्ताओं में इन्होंने अपनी विशिष्ट पहचान बनाई है।
जब इसमें असंतुष्ट एवं पार्टी में संलग्र हुए लोगों को सफलता नहीं मिली तो उन्होंने
अपनी बातों को सत्य करने के उद्देश्य से यह सारा प्रहार जिलाध्यक्ष के एवं भाजपा के
वरिष्ठ नेताओं के साथ कदम से कदम मिलाकर चलने वाले महामंत्री पर अपना दांव फेंका जो
सफल रहा। लेकिन इस निर्णय से एक बार फिर भाजपा के अंदर गुटबाजी नजर आने लगी जिससे कार्यकर्ताओं
में भारी मायूसी देखी जा रही है। इनका तर्क है कि चुनाव के ठीक पहले ऐसी शिकायतों को
मान लो सत्य भी होती, फिर भी चुनाव के बाद इसका निर्णय लिया जाना चाहिये था जिससे पार्टी
का जो जनाधार जिले में बना हुआ है, वह यथावत रह पाता।
विधानसभा चुनाव सन्निकट है। इसे लेकर सत्तापक्ष के लोगों द्वारा पूरी मुस्तैदी के साथ कार्य किया जा रहा है। इसे भेदने के लिये जिलाध्यक्ष एवं महामंत्री दोनों ने मिलकर समूचे जिले में भाजपा के जनाधार को बनाये रखा। आज स्थिति यह है कि आगामी चुनाव में तीनों विस सीट भाजपा के खाते में जाना तय माना जा रहा है किंतु पार्टीतोडू तथाकथित लोगों के षडय़ंत्र से यह जनाधार शनै: शनै: कर नीचे आ रहा है जो पार्टी के लिये खास आगामी चुनाव के लिये काफी घातक साबित हो सकता है जिसे लेकर प्रदेश पदाधिकारी अजय जामवाल एवं दिलीप जायसवाल, विधानसभा चुनाव प्रत्याशी रंजना साहू के मुख्य चुनाव कार्यालय का उद्घाटन करने मंगलवार को यहां पहुंचे थे, जिन्हें उपरोक्त बातों से अवगत कराया। साथ ही अनेक लोगों की उपस्थिति में भाजपा के भेदियों के चरित्र को उजागर किया। ऐसे लोग पार्टी के लिये काफी नुकसानदायक हैं और यदि ऐसे निर्णय होते रहेंगे तो पार्टी का जनाधार गिरकर रहेगा। इन्होंने यह भी कहा कि यदि उपरोक्त निर्णय को तुरंत रद्द नहीं किया गया तो पार्टी के समस्त पदाधिकारी सामूहिक इस्तीफा देकर अपने घरों में बैठ जायेंगे। कार्यकर्ताओं की बात सुनकर वरिष्ठ नेताओं ने तत्काल राजधानी रायपुर के नेताओं से मोबाईल से चर्चा कर कहा कि वर्तमान में संगठन में जो फेरबदल किया है, उसे रोका जाये। एक बात तय है कि भाजपा में इन दिनों असंतोष की आग से विस चुनाव में पार्टी को इसका खामियाजा उठाना पड़ सकता है। इस पूरे मामले को लेकर भाजपा जिलाध्यक्ष शशि पवार से चर्चा किये जाने पर उन्होंने बताया कि पार्टी के वरिष्ठ नेताओं की उपस्थिति में विस चुनाव के पहले किये गये संगठन में किये गये फेरबदल से कार्यकर्ताओं ने अपनी बात नेताओं को बताई। कार्यकर्तओं की बात सुनकर उपस्थित नेताओं ने आश्वस्त किया कि चुनाव के पहले ऐसा कोई फेरबदल नहीं होगा। श्री पवार से पूछा गया कि पार्टी के कार्यकर्ताओं ने सामूहिक इस्तीफे की पेशकश के बारे में उनका कहना था कि ऐसी कोई बात नहीं हुई है।

