![]() |
| फाइल फोटो |
संजय जैन
धमतरी। किसानों के जीवन में एक नया बदलाव लाने, उन्हें एवं उनके परिवारों को आत्मनिर्भर बनाने छग शासन के मुखिया भूपेश बघेल द्वारा न सिर्फ उनकी उपज का दाम बढ़ाकर खरीदी की जा रही है वहीं दूसरी ओर इनके उपज को कीट प्रकोप से बचाये जाने को लेकर कवायद चल रही है किंतु शासन के इस प्रयास को विफल करते हुए कृषि विभाग धमतरी द्वारा लगातार कोताही बरती जा रही है जिसके चलते जिले में अमानक खाद, नकली कृषि दवाई की बिक्री धड़ल्ले से की जा रही है। खबर तो यह भी है कि यहां पदस्थ दो अधिकारी इस आड़ में अपनी स्वार्थपूर्ति में लीन हैं। ऐसे अधिकारियों के खिलाफ किसान शिकायत भी करने वाले हैं। धमतरिहा के गोठ ने पिछले दिनों कृषि संचालनालय रायपुर के पत्र के आधार एक समाचार प्रसारित कर जिले के तेज-तर्रार कलेक्टर ऋतुराज रघुवंशी का ध्यान आकृष्ट कराया था जिन्होंने समाचार की गंभीरता को देखते हुए कृषि विभाग को अमानक खाद, नकली कृषि दवा बेचने वालों पर कार्यवाही किये जाने का निर्देश दिया है। लेकिन देखा जा रहा है कि कृषि विभाग के अधिकारी पूरे मामले पर गंभीरता नहीं दिखा रहे हैं, वहीं ये लोग वसूली में मस्त हैं और जिले के किसान इससे त्रस्त हैं।
संचालनालय कृषि छग अटल नगर रायपुर के पत्र क्रमांक 1072 दिनांक 12.7.2023 के द्वारा उप संचालक कृषि धमतरी, रायपुर, गरियाबंद, बलौदाबाजार, महासमुंद, दुर्ग, बेमेतरा, बालोद, कबीरधाम, खैरागढ़, राजनांदगांव, बिलासपुर, सारंगढ़, बिलाईगढ़, जांजगीर, चांपा, बस्तर को पत्र लिखकर नकली उत्पाद विक्रय करने पर अनुशासनात्मक कार्यवाही करने कहा गया है। चूंकि राजीव कुमार दत्ता उप महाप्रबंधक(एफएमसी) ने 3 जुलाई 2023 को पत्र लिखकर एक शिकायत प्रस्तुत की थी जिसके आधार पर संचालनालय रायपुर द्वारा उक्त पत्र जारी किया गया है जिसके परिपालन में कृषि विभाग उदासीनता बरत रहा है। जिले में अमानक खाद, नकली दवाईयों की धड़ल्ले से बिक्री हो रही है जिसकी शिकायत कुछ किसानों द्वारा धमतरिहा के गोठ को दी गई थी जिसके आधार पर पिछले दिनों समाचार प्रसारित कर कलेक्टर श्री रघुवंशी का ध्यान आकर्षित कराया था जिस पर उन्होंने गंभीरता से लेते हुए संबंधित संचालनालय कृषि के पत्र के आधार पर फौरी कार्यवाही करने के निर्देश कृषि विभाग को दिया था। इस आदेश के बाद संबंधित अमला के द्वारा दिखावटी कार्यवाही करते हुए ऐसे लोगों पर कार्यवाही की गई जो उनकी स्वार्थपूर्ति को पूरा नहीं कर सके और जो इनको भेंट पूजा चढ़ाई उन्हें क्लीन चिट दे दी गई। जिले के कुछ दुकानदारों ने नाम न छापने की शर्त पर प्रतिनिधि को बताया कि कृषि विभाग के अधिकारी लगातार इस पूरे मामले पर भाई-भतीजावाद के साथ साथ भेंट पूजा देने वाले दुकानदारों के खिलाफ कोई जांच नहीं कर रहे हैं और कहीं ऐसे दुकानों में जा भी रहे हैं तो संबंधित द्वारा अगर इनकी मांग पूरी कर दी जाती है तो उक्त दुकानदार को पूरी तरह क्लीन चिट दे दी जाती है।
मिली जानकारी के अनुसार पता चला है कि कृषि विभाग के मुखिया जो अपने आप को प्रभार में रहने का रोना रोकर अपने अधिनस्थ लोगों से हारकर चुपचाप बैठ गये हैं, उनके लापरवाही के चलते ही ऐसे अमानक खाद और नकली दवाईयों का विक्रय धड़ल्ले से किया जा रहा है। जिले के जागरूक नागरिकों ने मांग की है कि जब भी कृषि विभाग अमानक खाद व नकली कृषि दवा विक्रय की जानकारी लेने दुकानों में जाये तो उनके साथ राजस्व का एक अधिकारी भी साथ में रहना चाहिये और संबंधित दुकानों का औचक्क निरीक्षण कर वहां के रजिस्टर, खाद एवं दवाईयों के भंडार को जांच करना चाहिये ताकि पिछले दिनों कृषि विभाग के जिन अधिकारियों ने भेंट पूजा लेकर दोषियों को बचाया है, उन पर भी कार्यवाही हो सके। किसानों के हितार्थ राज्य शासन के द्वारा निर्धारित योजनाओं का लाभ आम किसानों को प्राप्त हो सके, इसके लिये जिले के चारों विकासखंड के कुछ किसानों ने धमतरिहा के गोठ से मांग की है कि उपरोक्त तथ्यों को प्रसारित कर इसकी जानकारी तेज-तर्रार कलेक्टर ऋतुराज रघुवंशी को देकर दोषियों पर कार्यवाही की जाये ताकि किसानों को सहीं खाद एवं कृषि दवाईयां उपलब्ध हो सके। पिछले लंबे समय से किसान ऐसे अमानक खाद, एवं कृषि दवाईयों के कारण अपनी फसल को बचाने में नाकाम रहे हैं। संचालनालय कृषि रायपुर के पत्र के आधार पर कृषि विभाग क्या कार्यवाही किया है, इसकी भी जानकारी ली जाये। इस मामले को लेकर कृषि उप संचालक मोनेश साहू से दूरभाष पर संपर्क कर उनका पक्ष लिये जाने का प्रयास किया गया लेकिन उनसे संपर्क नहीं होने की वजह से उनका पक्ष नहीं लिया जा सका।


