आखिरकार कांग्रेस जिलाध्यक्ष को बदलना पडा अपना निर्णय....

धमतरिहा के गोठ
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संजय जैन 

धमतरी 18 जुलाई।  पिछले दिनो राजीव भवन में प्रदेश कांग्रेस सह प्रभारी सप्तगिरी उल्का का आगमन हुआ। यहां उपस्थित कांग्रेसजनो ने उनका जबर्दस्त स्वागत किया गया। स्वागत सत्कार के बाद कार्यकर्ताओं की भावनाओं को टटोलने हेतु उन्होने बारी बारी अपनी समस्यायें बताने का आदेश दिया जिसके तहत अनेक कांग्रेसजनो ने अपनी अपनी बात रखी, किन्तु नगरी ब्लाक के कांग्रेस कमेटी के पूर्व अध्यक्ष रवि ठाकुर ने यह कहते हुए अपनी बात रखते हुए कहा कि हम लोग काफी दूर से आये है और वापस भी जाना है इसलिए नगरी सिहावा क्षेत्र से आये कार्यकर्ताओं के पहले प्रदेश सह प्रभारी से मिलकर अपनी रखने का मौका दिया जाये।  जिस पर यहां उपस्थित जिलाध्यक्ष ने उनकी बातो को गलत ठहराते हुए तत्काल उन्हें पार्टी से 6 वर्ष के लिए निलंबित करने की घोषणा कर दी। इस कार्यवाही से यहां उपस्थित कार्यकर्ताओं में भारी नाराजगी देखी गई्र, जिस हिसाब से यह कार्यवाही की गई उसे लेकर महिला कांंग्रेस की पूर्व प्रदेशाध्यक्ष एवं नगरी सिहावा क्षेत्र के अम्बिका मरकाम ने मीडिया में यह बयान भी दिया कि इस तरह का निष्कासान किसी भी तरह से जायज नही है आने वाला कुछ माह बाद प्रदेश में विधानसभा चुनाव होना है। हमें एक एक कार्यकर्ताओं को जोडना है ताकि चुनाव में जीत सुनिश्चित हो सके। श्री ठाकुर के निष्कासान की खबर से नगरी सिहावा क्षेत्र के कार्यकर्ताओं में जर्बदस्त आक्रोष देखा गया है आखिर कार जिलाध्यक्ष को अपने निर्णय को बदलने के लिए बाध्य होना पड़ा। 

जिला कांग्रेस कमेटी के पदाधिकारी द्वारा जिस प्रकार अपनी नियुक्ति के बाद से कांग्रेस कार्यकर्ताओं से व्यवहार किया जा रहा है उससे धमतरी जिले के कांग्रेसियो में भारी असंतोष व्याप्त है। पूर्व में भी उनके व्यवहार से क्षुब्ध होकर ब्लाक कांग्रेस कमेटी महिला अध्यक्ष पूर्व पार्षद नम्रता माला पवार, रेखा शांडिल्य ने अपने समर्थको के साथ भाजपा की सदस्यता ग्रहण की। इसके बाद पुरानी कृषि उपज मंडी में भाजपा के सम्मेलन में लगभग एक हजार कांग्रेसी कार्यकर्ताओ ने भी यही रूख अख्तियार किया। ऐसे कांग्रेसियो ने पूर्व में भी कहा था कि जिस प्रकार चार चिन्हारी के रूप में यहां कांग्रेस का संचालन हो रहा है वह आने वाला समय में पार्टी के लिए काफी घातक साबित होगा पार्टी के  पदाधिकारी के रवैये से ऐसे अनेक कांग्रेसी है जो दिल में उनके व्यवहार के प्रति तुफान को समेटे हुए है। यह तुफान अब चुनाव के समय देखने को मिलेगा। क्योकिं जिस प्रकार जिले में कार्यकर्ताओं की उपेक्षा हुई और होते आ रही है उससे जिले में कांग्रेसजनो का मनोबल टूट सा गया है। एक को मौसी एक को मां की तर्ज पर यहां संगठन का संचालन हो रहा है। कभी भी किसी भी स्थान पर कार्यकर्ताओं की उपेक्षा कर दी जाती है जिससे उनके मन में बहुत बडी पीडा जागृत हो गई और इस पदाधिकारी के रहते कोई कार्य नही करने की भी ठान ली है। 

राजीव भवन में पिछले दिनो  प्रदेश सहप्रभारी सप्तगिरी उल्का का आगमन हुआ था सभी अपना अपना दुख सुनाते हुए सुझाव भी प्रस्तुत किया सभी की बातो को सहप्रभारी ने गंभीरता से सुना और कुछ सुझावो को उन्होने अमलीजामा पहनाने की बात कहीं। इसी दरम्यान सिहावा नगरी के ब्लाक अध्यक्ष रबि ठाकुर ने भी अपनी बात रखनी चाही किन्तु पदाधिकारी के अडियल रवैये के कारण उन्हे अपनी बात रखने नही दी गई उल्टा उन पर आरोप लगाया गया। प्रदेश सहप्रभारी श्री उल्का अवाक सा होकर ये सब घटनाक्रम को देखते रहे और वे जाने लगे। इसी अवधि में न जाने इस पदाधिकारी ने उन्हे क्या कहा और क्या आदेश मिला जिसके चलते पूर्व ब्लाक कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष रवि ठाकुर को पार्टी से 6 वर्ष के लिए निलंबित करने की घोषणा कर दी गई। जैसे ही रवि ठाकुर के निलंबन की जानकारी कांग्रेस कार्यकर्ताओं को मिली तो उन्होने इस पर त्वरित टिप्पणी शुरू कर दी। नगरी सिहावा विधानसभा क्षेत्र के हजारो कार्यकर्ताओं का हुजुम इस निलंबन के विरोध में यहां तक कह दिया कि अगर श्री ठाकुर का निलंबन वापस नही लिया जाता है तो पार्टी को इसके गंभीर परिणाम भुगतने होंगे। इस निलंबन कार्यवाही को क्षेत्र की पूर्व विधायक अम्बिका मरकाम ने भी गलत ठहराया था। लगातार पार्टी के वरिष्ठ नेताओं को इस बात की जानकारी दी गई और खबर है कि इसी का असर रहा कि ब्लक अध्यक्ष का निलंबन पार्टी के वरिष्ठ नेताओं के परामर्श पश्चात वापस ले लिया गया। 

धमतरी जिले के अंतर्गत तीन विधानसभा धमतरी,कुरूद नगरी-सिहावा आता है इसमें जिलाध्यक्ष शरद लोहाना एक बैठ क के दोरान घोषणा की थी कि हम धमतरी विधानसभा क्षेत्र के तीनो सीटो को जीतेंगे। किन्तु कार्यकर्ताओं की उपेक्षा और लगातार उनके शोषणा के चलते उनका यह दावा गलत साबित होगा ऐसा कुछ कांग्रेसजनो का कहना है कि चुंकि चार चिन्हारी के रूप में कांग्रेस का संगठन चल रहा है, जहां वरिष्ठ एवं कनिष्ठ नेताओं की कोई पुछ परख नही है जो भी करना है  इन्ही चार लोगो में से निर्णय होता है बाकी लोगो से कोई परामर्श नही लिया जाता है और न ही महावारी बैठक होती है न ही वार्ड भ्रमण किया जाता है। इससे भी स्पष्ट हो जाता है कि  निष्ठावान कार्यकर्ताओं का अब तक अनदेखी हो रही है और कई कार्यकर्ता तो घर बैठ गये है।  दुर्भाग्य कि बात यह है कि राजधानी में बैठे नेताओं के द्वारा इन सभी बातो को नजर अंदाज किया जा रहा है इनका खामियाजा आने वाले चुनाव में पार्टी को उठना पड सकता है। ऐसे लोगो्र ने जिला संगठन के प्रमुख के होते हुए किसी भी प्रकार का सहयोग नही करने की बात कहीं है और ना ही वे आने वाले चुनाव में इनके नेतृत्व में कार्य करेेंगे। अब देखना है कि राजधानी में बैठे वरिष्ठ नेताओं के द्वारा इस पर क्या निर्णय लिया जाता है। गौरतलब रहे कि इन चार चिन्हारी के ईशारे पर प्रदेश के मंत्री भी चले है इन विशालकाय राजीव भवन में कभी बैठक रखकर बाहर ही बाहर बिना कार्यकर्ताओं से मिले ही रवाना हो जाते है। कांग्रेस के कुछ कार्यकर्ता ने तो दबी जुबान से यह भी कहना शुरू कर दिया है कि वर्तमान में जिले की संगठन की कमान जिनके हाथ में है इनके स्थान पर किसी ऊर्जावान नेता की नियुक्ति की जाये ताकि वह कार्यकर्ताओ की भावनाओं को समझ सके।

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