संजय जैन
धमतरी 8 जुलाई। आगामी महीनों में होने वाले विधानसभा चुनाव को लेकर राजनीतिक दलों के नेताओं द्वारा सघन जनसंपर्क अभियान चलाया जा रहा है। इससे पूर्व यह अभियान नहीं चलाया गया था। लेकिन चुनाव को देखते हुए प्रचार-प्रसार अभियान का दौर-दौरा प्रारंभ हो चुका है। देखा जा रहा है कि जिनकी जमीनी कार्यकर्ताओं में पकड़ नहीं है, वे लोग भी इस वर्ष काफी उछलकूद कर टिकिट प्राप्ति का प्रयास कर रहे हैं। यही स्थिति जिले के राजनीति से जुड़े नेताओं द्वारा लगातार जारी है। वास्तविकता यह है कि ऐसे लोगों को टिकिट मिलना असंभव सा दिखाई देता है और जो नेता अपने विधानसभा क्षेत्र में जमीनी स्तर पर कार्यकर्ताओं के बीच लोकप्रिय हैं वे ऐसा दावा नहीं कर रहे हैं जिसका प्रत्यक्ष प्रमाण युवा नेता आनंद पवार से दिया जा सकता है जो पिछले लंबे समय से ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों के कार्यकर्ताओं से मिलकर उनके दुख-सुख में हमेशा आगे नजर आ रहे हैं। नागरिकों का ऐसा मानना है कि आनंद पवार को अगर कांग्रेस पार्टी धमतरी विधानसभा से उम्मीदवार बनाती है तो यह सीट कांग्रेस की झोली में आ सकती है।
विधानसभा चुनाव को लेकर राष्ट्रीय स्तर के नेताओं द्वारा राजधानी में सभाएं ली जा रही हैं। जिले में भी लगभग यही स्थिति है जहां प्रदेश स्तर के नेताओं का लगातार आना-जाना जारी है। और तो और अपने अपने पार्टियों के नेताओं द्वारा जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी सहित विभिन्न योजनाओं पर प्रकाश डाला जा रहा है और ग्रामीण क्षेत्र के मतदाताओं में अपनी पकड़ मजबूत करने की कवायद चल रही है। इससे दूर महासमुंद लोकसभा क्षेत्र पूर्व युवा कांग्रेस अध्यक्ष एवं प्रदेश कांग्रेस कमेटी के पूर्व सचिव आनंद पवार द्वारा जब चुनाव की सरगर्मी तेज नहीं हुई थी, उसके पूर्व से धमतरी विधानसभा क्षेत्र के अनेकों ग्रामों में जाकर कार्यकर्ताओं में नई स्फूर्ति संचार किया गया है। आज श्री पवार को जो सम्मान मिल रहा है, उसके पीछे ऐसे ही ग्रामीण क्षेत्रों के मतदाताओं का प्यार है। इनमें से अधिकांश लोगों ने कहा कि यदि पार्टी आला कमान इस प्रिय नेता को आगामी विधानसभा चुनाव में अपना प्रत्याशी घोषित करता है तो धमतरी विधानसभा क्षेत्र में कांग्रेस को विजयश्री प्राप्त हो सकती है। महासमुंद लोकसभा क्षेत्र के पूर्व अध्यक्ष एवं पीसीसी सचिव द्वारा ग्रामीण क्षेत्रों के मतदाताओं में काफी सम्मान है जिसे देखते हुए भी आला कमान को इस बात पर गौर करना चाहिये।
अविभाजित मध्यप्रदेश सरकार में श्री पवार के दादा स्व.भोपालराव पवार स्वतंत्रता संग्राम से जुड़े रहकर धमतरी जिले को सौगात दिलाने में अहम भूमिका निभाई थी। मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री स्व.पं.श्यामाचरण शुक्ल से इनका स्नेह देखते ही बनता था। जब भी श्री शुक्ल धमतरी आते तो उनके निवास जाकर पार्टी के संबंध में गहन विचार विमर्श करते और ऐसा भी कहा जाता है कि स्व.भोपालराव पवार के प्रस्ताव रखने पर ही पं.श्यामाचरण शुक्ल ने गंगरेल बांध की स्थापना के लिये केंद्रीय मंत्रीमंडल से इसकी स्वीकृति दिलाने में सफलता पाई। आज यह पं.रविशंकर सागर गंगरेल बांध से क्षेत्र के किसान दोहरी फसल का लाभ ले रहे हैं। उन्हीं के वंशज आनंद पवार भी उनके नक्शे कदम पर चलते हुए धमतरी विधानसभा में अपने दादा स्व.भोपालराव पवार जो कि शिक्षामंत्री के रूप में मध्यप्रदेश शासन में कार्य कर चुके हैं, उनके बताये हुए रास्ते पर चलते हुए गरीबों, दीन-दुखियों, खिलाडिय़ों, किसानों के हित का कार्य कर एक नई पहचान बनाने में कामयाब हो गये हैं। वैसे तो शहर में इनके अलावा कांग्रेस के अनेक नेता भी चुनाव लडऩे के इच्छुक हैं, किंतु अब देखना यह होगा कि टिकिट का मापदंड किस तरह पार्टी आला कमान तय करते हैं। उपरोक्त कार्यों को देखते हुए यदि आनंद पवार को टिकिट मिलती है तो कांग्रेस का परचम लहराया जाना आवश्यंभावी है। उल्लेखनीय रहे कि आनंद पवार के अलावा कांग्रेस में ऐसे अनेक दावेदार जो धमतरी विधानसभा से अपनी दावेदारी जता रहे हैं उसमें से निगम का एक ऐसा जनप्रतिनिधि शामिल है जो अपने कार्यकाल में भ्रष्टाचार के नाम पर हमेशा चर्चा में रहा है, विकास कार्य की बात करें तो ढाक के तीन पात..। वहीं संगठन से जुड़े भी एक-दो नेता विधायक बनने मुंगेरी लाल के हसीन सपने देख रहे हैं। लेकिन हकीकत यह है कि इनका जमीनी जनाधार शून्य है। अब देखना यह है कि पार्टी हाई कमान इस चुनाव में किस पर अपना दांव लगाती है।

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