संजय जैन
धमतरी | देहली पब्लिक स्कूल से 12 वी की पढ़ाई खत्म करके निकले छात्र अंजनेय को चित्रकारी में काफी रुचि है,वे अलग-अलग विषयों पर अलग-अलग तरह की चित्रकला विधाओं और सामग्रियों का उपयोग करके अपनी सर्जनात्मकता को प्रत्यक्ष रूप देने में लगे रहते है,ऐसे कई मौके आए है जब उन्होंने अपनी कला के माध्यम से विभिन्न सामाजिक मुद्दों पर चित्रकारी की है,धमतरी में आयोजित भेंट मुलाकात के दौरान मुख्यमंत्री भूपेश बघेल को बहुत से उपहार मिले,लेकिन जिस उपहार ने उनका सबसे अधिक ध्यान खींचा वह अंजनेय की बनाई हुई एक पेंटिंग थी,इस पेंटिंग की सबसे ख़ास बात यह रही कि इसे केमिकल युक्त रंगों का उपयोग न करते हुए छत्तीसगढ़ के सामान्य जन जीवन की दैनिक उपयोगी उन चीजों से बनाया गया है,जिसका उपयोग छत्तीसगढ़ के ग्रामीण अपने घरों रंगने और सजाने के लिए करते है,इसके अलावा कैनवास के रूप में भी लट्ठे का प्रयोग किया गया है,जिसके ऊपर जुट की बोरियों और खादी कि कपड़े की मदद से मुख्यमंत्री की पोषक बनाई गई है जो छत्तीसगढ़ के नागरिकों की कड़ी मेहनत और कौशल का परिचायक है।मुख्यमंत्री के चेहरे को बनाने के लिए छुही का प्रयोग किया गया है जिसमें पीली और सफेद छुही दोनों ही शामिल है,इसके अलावा लाल रंग के लिए गेरू का उपयोग किया गया है,वहीं सफ़ेद रंग के लिए चुना का उपयोग किया गया है,आँखों को चमकीला काला रंग देने कोयले का उपयोग किया गया है।अंजनेय ने बताया कि जब भी वो गाँव जाता है तो वहाँ के लोगों द्वारा घर की दीवारों में कई गई कलाकृतियों से वह बेहद प्रभावित होता है और उन्हें देखकर ही उनके मन में इन रंगों को उपयोग करने की प्रेरणा मिली,उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ का गौरव उसके संसाधनों और संस्कृति से है,यहाँ के लोगों द्वारा अपनी सांस्कृतिक गतिविधियों के अभ्यास ने ही छत्तीसगढ़ को असली पहचान दिलाई है।हमारे यशस्वी मुख्यमंत्री ने छत्तीसगढ़ की संस्कृति और सभ्यता को जो नई ऊर्जा दी है उसके धन्यवाद के रूप में मैंने यह पेंटिंग बनाई है और पूरे धमतरी वासियों की तरफ से मुख्यमंत्री जी को भेंट की है।


