निगम पर अतिक्रमणकारी भारी, तीन नोटिसों के बाद भी नहीं टूटा अवैध निर्माण

धमतरिहा के गोठ
0

 

संजय जैन 

धमतरी 23 जूनसिहावा रोड स्थित अतिक्रमणकारी को लगातार तीन नोटिस दिये जाने के बाद भी उसके द्वारा अतिक्रमित भूमि में अवैध निर्माण को नहीं तोड़ा गया है जबकि पिछले दिनों फुटपाथ पर बैठे छोटे व्यवसायियों को भारी बल के साथ जाकर उनका अतिक्रमण हटाया गया। निगम की इस कार्यवाही को लेकर शिकायतकर्ताओं ने कहा कि विभाग जिसकी शिकायत होती है, उसको न हटाकर ऐसे लोगों को हटाता है जो वहां अपने जीविकोपार्जन हेतु व्यवसाय करते हैं। मामले को लेकर यहां के 7-8 व्यवसायियों ने अनेकों बार शिकायत दी। उसकी प्रतिलिपि राज्यपाल से लेकर कलेक्टर तक को दी। लेकिन वाह रे निगम..उनकी इस शिकायत को गंभीरता से न लेते हुए अतिक्रमणकारी को लगातार अप्रत्यक्ष रूप से सहयोग करते हुए उसके छज्जा को नहीं तोड़ा गया।

नगर पालिक निगम में उस क्षेत्र के निवासी सन्मुखदास बुधवानी, महेश चावला, राजेश वाधवानी, मनीष बुधवानी, मनीष अग्रवाल, आशीष पाटीकर, रौनक अग्रवाल, प्रदीप सेठिया, ने आयुक्त को बताया था कि वे सिहावा रोड श्यामाप्रसाद मुखर्जी वार्ड में पृथक-पृथक पंजीकृत बिक्रीपत्र से भूमि खरीदी गई। उपरोक्त भूमि को खरीदने के पूर्व विक्रयकर्ता द्वारा सभी लोगों को अपनी अपनी भूमि पर सिहावा रोड मुख्य मार्ग से आने-जाने के लिये 20 फुट चौडा एवं 70 फुट लंबा मार्ग दिया गया जिस पर सभी की सहमति थी। उपरोक्त 1400 वर्गफुट जो खसरा नंबर 411/16 जिसका नया नंबर 411/91 है, में से रास्ते के रूप में सुरक्षित रखने के लिये किशोर जसवानी एवं पांच अन्य व्यक्तियों के नाम पर वर्ष 2018 में करवाया गया जबकि खसरा नंबर 411/98 रकबा 20*40 वर्गफुट आवागमन हेतु रास्ते के लिये दिलीप सुंदरानी एवं एक अन्य के नाम से पंजीकृत है। इस प्रकार आवागमन के रास्ते के लिये 20*110 वर्गफुट भाग आरक्षित है। किंतु सुरेश वल्र्यानी के द्वारा खसरा नंबर 411/88 रकबा 2681 वर्गफुट क्रय किया गया और उक्त स्थल पर मकान निर्माण हेतु निगम से भूतल एवं प्रथम तल की अनुमति ली जिसका कुल रकबा 2250 वर्गफुट है परंतु उक्त व्यक्ति के द्वारा भूतल एवं प्रथम तल में 6200 वर्गफुट में भव्य व्यवसायिक काम्प्लेक्स का निर्माण किया गया। काम्प्लेक्स के निर्माण के पूर्व नियमानुसार 500 वर्गफुट भूमि वाहन पार्किंग के लिये आरक्षित रखी जाती है किंतु उक्त काम्प्लेक्स के पास पार्किंग हेतु कोई स्थल नहीं है और उसके द्वारा बीच रोड में वाहनों को खड़ी कर विवाद पैदा किया जाता आ रहा हेै जिसके कारण उपरोक्त लोगों को आने-जाने में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। 

श्यामाप्रसाद मुखर्जी वार्ड अंतर्गत आने वाले उक्त भूभाग में अतिक्रमण कर छज्जा बनाने वाले व्यवसायी को लगातार तीन बार निगम द्वारा नोटिस देकर अपने अवैध निर्माण को हटाये जाने का निर्देश दिया गया था किंतु निगम की इन तीनों नोटिसों के बावजूद भी उक्त व्यक्ति द्वारा अपना अतिक्रमण नहीं हटाया गया जबकि निगम ने साफ कहा था कि यदि आप अतिक्रमण नहीं हटायेंगे तो आपके अवैध निर्माण को निगम अमला तोड़ेगा। इसके बाद भी न तो व्यवसायी न अपना अवैध निर्माण तोड़ा, और न ही निगम के जिम्मेदार तोडू दस्ते ने इस क्षेत्र में जाने की हिम्मत की। लोगों का कहना है कि निगम पर एक अतिक्रमण भारी जिसने तीन नोटिसों के बाद भी अपना अतिक्रमण नहीं हटाया। चर्चा तो यह भी है कि निगम के कुछ लोग इस व्यवसायी से सांठगांठ कर इस मामले को लंबित रखना चाहते हैं। एक ओर शिकायतकर्ताओं को लगातार आश्वासन दिया जाता है कि हम कार्यवाही कर रहे हैं। वहीं दूसरी ओर अतिक्रमणकारी को मोहलत के ऊपर मोहलत दिये जा रहे हैं। इन शिकायतकर्ताओं का कहना है कि जिस प्रकार सिहावा रोड में बैठे फुटपाथ व्यवसायियों को निगम द्वारा हटाया गया है, उसी तरह अपनी गरिमा को बनाये रखने के लिये नोटिसों के ऊपर नोटिस दिये जाने के बाद भी संबंधित व्यवसायी द्वारा अतिक्रमण को स्वयं नहीं हटाया जा रहा है, जिसे लेकर इन्हें उक्त छज्जा एवं अतिक्रमण के भाग से अवैध कब्जा हटाया जाना चाहिये था किंतु ऐसा नहीं कर दोहरी नीति अख्तियार की जा रही है जिसके कारण हमें अब बरसात के दिनों में आने-जाने के लिये काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ेगा। इनका यह भी तर्क है कि आखिर उक्त अतिक्रमण निगम अमला क्यों खामोशी अख्तियार किये हुए है जिससे इनमें भारी आक्रोश है।

पूर्व में दिये गये शिकायत पत्र में उपरोक्त शिकायतकर्ताओं ने यह भी कहा है कि सुरेश वल्र्यानी के स्वीकृत मानचित्र के अनुसार प्रस्तावित सडक से मध्य 15 मीटर भूमि के भाग में से 10 फुट भूमि के पीछे से 25 फुट एवं भूमि के बाजू से 5 फुट छोडक़र निर्माण किया जाना था। लेकिन उक्त व्यक्ति ने एमओएस का पालन न करते हुए निर्माण किया है जिसे लेकर निगम ने उक्त व्यक्ति को समय-समय पर तीन नोटिसें जारी की और अपना अनाधिकृत निर्माण स्वयं के द्वारा हटा लेने का निर्देश दिया था परंतु उसके द्वारा इसका पालन नहीं किया गया। जिस तरह सिहावा रोड से लेकर नहर नाका चौक तक अतिक्रमण हटाये जाने का आदेश संबंधित अमले को दिया गया है, उसी कड़ी में भवन के बजाय काम्प्लेक्स बनाकर अतिक्रमण करने वाले व्यक्ति पर भी उसके अवैध निर्माण को तोडक़र महीनों से चले आ रहे इस विवाद का पटाक्षेप करने का कदम उठाना चाहिये।

----------------------------------

एक टिप्पणी भेजें

0टिप्पणियाँ

एक टिप्पणी भेजें (0)