संजय जैन
धमतरी I मुस्लिम धर्मावलंबियों का मुबारक महीना रमजान अब अंतिम पड़ाव पर है। मंगलवार को शबे कद्र की पूरी रात इबादतों में गुजारी गई। बुधवार को 27वां रोजा है। अगर रमजान महीने का उनतीसा चांद शुक्रवार 21 अप्रेैल को नजर आया तो 22 अप्रैल शनिवार को ईद मनाई जाएगी। वैसे पूरे तीस रोजे होने पर रविवार को ईद होगी। अब मुस्लिम समुदाय के लोग आने वाली ईद की खुशियों में शामिल होते नजर आ रहे हैं। बाजार में खरीद-फरोख्त बढ़ गई है। ईद में मीठी सेवईयों का खास महत्व रहता है। इसलिये सेवई, सूखे मेवे आदि की खरीददारी हो रही है। नए कपड़े सिलवाए गए है। बदलते दौर में अधिकांश युवा और बच्चों के कपड़े रेडिमेड होते हैं। इसलिये इसकी खरीददारी भी दुकानों में बढ़ गई है। महिलाओं ने भी अपने मन पसंद के कपड़े सिलवा रखे हैं और रेडिमेड कपड़ों की खरीदी भी जारी है।
मुकम्मल हुई तरावीह
धमतरी शहर के मस्जिदों, कुछ मदरसों तथा गांवों के प्रमुख स्थानों में रमजान महिने में रोजाना रात को विशेष सुन्नत तरावीह नमाज अदा की गई। मंगलवार रात को 27वीं शब में सभी जगह तरावीह मुकम्मल हुई। जिसमें नमाज अदा करने वाले मौलाना और हाफिजों को मस्जिद कमेटियों तथा व्यक्तिगत तौर पर लोगों ने नजराना के रूप में नकद राशि, कपड़े व अन्य उपहार देकर उन्हें फूल माला पहनाकर सम्मानित किया। इस रात जामा मस्जिद, हनफिया मस्जिद, मस्जिद गरीब नवाज, मदीना मस्जिद, हनफिया मदरसा आदि में रात में कजाए उम्री नमाज, नफिल नमाज, कुरआन पाक की तिलावत, तसवीह पढऩे समेत अन्य इबादत में बड़ी संख्या में बुजुर्ग, युवा और बच्चे नजर आए। रात भर इबादत कर अपने गुनाहों से तौबा की। कामयाबी, तरक्की, खुशहाली और अमन चैन के लिये अल्लाह की बारगाह में दुआ की गई।
इफ्तार का दौर
इस वर्ष मार्च-अप्रैल की गर्मी के बीच लगभग 14 घंटे के लिये रोजा रखा जा रहा है। अल सुबह सेहरी खाने के बाद शाम को सूरज डूबने के वक्त रोजा खोला जाता है। इस साल भी शहर के सभी मस्जिदों और मदरसों में रोजेदारों के लिये इफ्तार और खाने का इंतजाम किया गया है। शबे कद्र की रात के बाद सुबह सेहरी का इंतजाम मदीना मस्जिद समेत अन्य मस्जिदों में भी रखा गया। जिसमें रोजेदार शामिल हुए। इसी तरह असलम कुछावा एवं आदिल कुछावा परिवार की ओर से मंगलवार को सुबह सेहरी के वक्त और शाम को इफ्तार पार्टी का आयोजन किया गया। जिसमें शहर के मुस्लिम समाज के अनेक लोगों ने हिस्सा लिया। इसी तरह रोजाना अनेक परिवार में और दोस्तों के साथ मिलकर भी कहीं न कहीं इफ्तार का प्रोग्राम चल रहा है।

