धमतरी।
विधानसभा चुनाव को लेकर राजनीतिक दलों के नेताओं द्वारा
लगातार जनसंपर्क अभियान किया जा रहा है जिसके लिये वे विभिन्न साधनों का उपयोग कर रहे
हैं। हालांकि चुनाव में कुछ दिन बाकी हैं। लेकिन इन्हीं सब उहापोह की स्थिति में विश्व
में नंबर वन पार्टी कहलाने वाली भाजपा के जिला संगठन को जिस प्रकार कमजोर किया जा रहा
है, उससे पार्टी की स्थिति लगातार खराब हो रही है। जनसंघ से लेकर भाजपा तक का सफर करने
वाले लोगों में इसका दर्द साफ देखा जा रहा है। पिछले दिनों प्रदेश संगठन के पदाधिकारी
द्वारा धमतरी जिले के एक जिला महामंत्री को पद से पृथक कर उसके स्थान पर मीडिया के
साथ दुव्यर्वहार करने वाले तथा लगातार विवादों एवं चर्चाओं में रहने वाले शख्स को उनके
स्थान पर नियुक्त किया गया है। जिला संगठन में शुरू से लेकर अब तक 6 ही उपाध्यक्ष रहे
हैंै। लेकिन पहली बार 7वें उपाध्यक्ष की नियुक्ति की गई है जिसे लेकर भाजपा में चर्चाओं
का बाजार गर्म है कि आखिर लगातार संगठन को किसके द्वारा कमजोर किया जा रहा है। समय
रहते इस ओर ध्यान नहीं दिया तो जिले में और खासकर धमतरी विस में भाजपा को इसका खामियाजा
उठाना पड़ सकता है। पार्टी के निष्ठावान कार्यकर्ताओं का कहना है कि विस चुनाव में
प्रत्याशियों की घोषणा पार्टी द्वारा की जा चुकी है, उसके बाद जिला महामंत्री को बदलना
किसी भी स्थिति में ठीक नहीं है।
भाजपा
का आधार स्तंभ जमीनी कार्यकर्ता और जिला स्तर के नेताओं को माना जाता है जिन्होंने
पार्टी को उच्च स्तर पर पहुंचाने में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका अदा की है। यही कारण है
कि आजादी के बाद पहली बार केंद्र में पूर्ण बहुमत वाली भाजपा की सरकार स्थापित हुई
है। लेकिन आज धमतरी जिले में जिस प्रकार की राजनीति हो रही है, एक-दूसरे का टांग खींचा
जा रहा है, उससे पार्टी कहीं न कहीं अपना वर्चस्व खोते नजर आ रही है। ऐन चुनाव के समय
पार्टी के वरिष्ठ नेताओं द्वारा जिला महामंत्री को हटाया जाना नि:संदेह जमीनी कार्यकर्ताओं
में असंतोष का कारण बना हुआ है। इनका कहना है कि इनके परिवार के वरिष्ठजन, जनसंघ के
समय से पार्टी का परचम लहराते आ रहे हैं। आज भी इन्हें राजनीति के क्षेत्र में सक्रियता
के साथ देखा जाता है किंतु ऐसे लोगों के परिवार से जुड़े व्यक्ति विशेष को चुनाव के
पूर्व हटाया जाना अनेक संदेहों को जन्म देता है। इसके पीछे प्रदेश के दो नेताओं का
हाथ बताया जा रहा है जिनके इशारे पर उक्त महामंत्री को चुनाव के समय अकारण हटाया गया
है। इससे पूर्व भी भाजपा के कुछ लोगों द्वारा जिलाध्यक्ष को हटाये जाने को लेकर काफी
मशक्कत की गई। चौक चौराहों में उनके खिलाफ अर्नगल बातें की जाने लगी। दावा तो यह भी
किया जा रहा था कि उक्त जिलाध्यक्ष को चुनाव के पूर्व निपटा दिया जायेगा। लेकिन ऐसे
लोग जिलाध्यक्ष की कार्यशैली के आगे बौने साबित हुए और उन्हें मुंह की खानी पड़ी।
मिली
जानकारी के अनुसार पता चला है कि भाजपा के वरिष्ठ नेताओं के ईशारे पर एक ओर जनसंघ से
लेकर भाजपा तक निष्पक्ष, नि:स्वार्थ भाव से पार्टी की सेवा की गई है। उनके परिवार के
सदस्य को महामंत्री पद से हटाया जाना और दूसरी ओर जिस नेता ने मीडिया के लोगों से दुव्यर्वहार
किया और प्रेस क्लब भवन में भाजपा के जिलाध्यक्ष शशि पवार महामंत्री कविंद्र जैन ने
तथाकथित नेता को मीडियाकर्मियों से माफी मंगवाकर मामले का पटाक्षेप कराया था, ऐसे शख्स
को इस पद पर सुशोभित किया गया है। चुनाव के पूर्व इस प्रकार किसी को हटाये जाने को
लेकर भाजपा के लोगों में काफी निराशा है। इन्होंने इस कार्यवाही को गलत ठहराते हुए
ऐसे लोगों पर जिन्होंने इस प्रकार महामंत्री को पद से हटाया है, उन्हें पार्टी को बर्बाद
करने वाला घोषित करते हुए पार्टी के वरिष्ठ नेताओं से इसकी जांच कर इस पर उचित कार्यवाही
किये जाने की मांग की है। ऐसी कार्यवाही से धमतरी जिले में भाजपा का संगठन कमजोर हो
रहा है जिसका असर आगामी विस चुनाव में भी देखने को मिल सकता है। भाजपा के एक वर्ग विशेष
द्वारा इस बात को लेकर गर्मा-गर्म बहस भी प्रारंभ हो चुकी है जिसके चलते ऐसे नेताओं
द्वारा यह मंथन किया जा रहा है कि आखिर विश्व में नंबर वन कहलाने वाली पार्टी को धमतरी
जिले में क्यों कमजोर किये जाने की साजिश की जा रही है और वह साजिशकर्ता कौन है जो
चुनाव के समय में पहले जिलाध्यक्ष के खिलाफ मुहिम चलाई गई, और जब यहां से उन्हें सफलता
नहीं मिली तो उन्होंने अपना लक्ष्य जिला महामंत्री पर उतारा। ऐसे कार्यों से भाजपा
के आला नेताओं को सोच समझकर निर्णय लिया जाना था जो नहीं किया गया जिससे एक बार फिर
भाजपा का जनाधार समूचे जिले में धूमिल होता नजर आ रहा है।

